भेजीनारा में ग्रामीणों में दहशत, खुले गड्ढे से हादसे का खतरा; एसईसीएल प्रबंधन से सुरक्षा और जांच की मांग

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भेजीनारा में एसईसीएल की ढेलवाडीह परियोजना की सिंघाली भूमिगत खदान के पास जमीन धंसने की घटना सामने आई है। घटनास्थल पर जमीन के भीतर गहरा गड्ढा बन गया है। इससे आसपास रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि गड्ढे की गहराई 15 फीट से अधिक है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

झाड़ियों और घास के बीच छिपा गड्ढा

जानकारी के अनुसार, घटनास्थल पर झाड़ियों और घास के बीच गड्ढा बना हुआ है। वनस्पति से ढके होने के कारण वहां से गुजरने वाले लोगों को गड्ढे की वास्तविक स्थिति और गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में किसी व्यक्ति या मवेशी के उसमें गिरने की आशंका बनी हुई है।

भूमिगत खदान के नजदीक जमीन धंसने की घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खदान के आसपास जमीन धंसने जैसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।

एसईसीएल प्रबंधन से तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने एसईसीएल प्रबंधन से घटनास्थल का तत्काल निरीक्षण कराने और जमीन धंसने के कारणों की जांच करने की मांग की है। उन्होंने खतरनाक स्थान की घेराबंदी करने, चेतावनी बोर्ड लगाने और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि गड्ढे को खुला छोड़ दिया गया और समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए, तो किसी दिन गंभीर हादसा हो सकता है।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

फिलहाल जमीन धंसने के कारणों और गड्ढे की वास्तविक गहराई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन करना जरूरी है। अब ग्रामीणों की नजर एसईसीएल प्रबंधन की कार्रवाई पर है।

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