खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कोरबा में सख्त कार्रवाई की है। आयुक्त दीपक अग्रवाल एवं कलेक्टर कुणाल दूदावत के निर्देश पर 4 नवंबर 2026 को विभागीय टीम ने शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान तीन प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी मानकों का पालन नहीं पाए जाने पर उनकी खरीद-बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद करा दी गई।
कार्रवाई के दौरान निहारिका स्थित प्रभात डेयरी से काजू बर्फी और पेड़ा के नमूने लिए गए। इन नमूनों को गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, बुधवारी बाजार स्थित शारदा डेयरी, दर्री स्थित श्याम स्वीट्स और तुलसी नगर स्थित बालाजी नमकीन में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया। इसके बाद विभाग ने तीनों प्रतिष्ठानों में व्यवस्था में सुधार होने तक खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है।
कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से शहर के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित प्रतिष्ठानों को व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करने के बाद ही दोबारा कारोबार की अनुमति मिलेगी।
नागरिकों को नियमित और ठोस कार्रवाई की उम्मीद
शहर में खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन के मामलों में अक्सर सख्त कार्रवाई देखने को नहीं मिलती। कई बार जांच अभियान महज औपचारिकता बनकर रह जाते हैं। ऐसे में नागरिकों को उम्मीद है कि प्रशासन की यह कार्रवाई केवल निरीक्षण और प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और प्रभावी निगरानी जैसे ठोस कदम भी उठाए जाएंगे। नागरिकों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा का सवाल सीधे आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है। इसलिए जरूरी है कि प्रशासन की कार्रवाई निरंतर और प्रभावी हो, ताकि लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ मिल सकें।
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