कोयला श्रमिक संघ (सीटू) ने एसईसीएल प्रबंधन को पत्र लिखकर मानवीय आधार पर निर्णय लेने का किया आग्रह
कोरबा। कोयला श्रमिक संघ (सीटू) ने एसईसीएल प्रबंधन से ऐसे आश्रित रोजगार प्राप्त कर्मचारियों को अधूरी बीटेक की पढ़ाई पूरी करने का अवसर देने की मांग की है, जिन्हें पिता के असामयिक निधन के बाद पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर एसईसीएल में नौकरी स्वीकार करनी पड़ी। संघ ने इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावित कर्मचारियों के शैक्षणिक भविष्य और करियर को सुरक्षित रखने का आग्रह किया है।
कोयला श्रमिक संघ (सीटू) के महासचिव वी.एम. मनोहर ने एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन), बिलासपुर को इस संबंध में पत्र भेजा है। पत्र में बताया गया है कि कई कर्मचारी अपने पिता के निधन के समय बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे। इनमें कुछ कर्मचारी पाठ्यक्रम के सातवें या आठवें सेमेस्टर में अध्ययनरत थे। पिता के आकस्मिक निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट और पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ने के कारण उन्हें अपनी डिग्री पूरी करने से पहले ही पढ़ाई छोड़कर एसईसीएल में आश्रित रोजगार स्वीकार करना पड़ा।
संघ ने कहा है कि इन कर्मचारियों ने विपरीत परिस्थितियों में परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए अपनी शिक्षा और भविष्य से समझौता किया। ऐसे में यदि उन्हें अधूरी बीटेक की पढ़ाई जारी रखने या पूरी करने के अवसर से भी वंचित किया जाता है, तो उनके शैक्षणिक भविष्य और करियर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
पत्र में इस विषय को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित कर्मचारियों के मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की आवश्यकता बताई गई है। संघ का कहना है कि जिन कर्मचारियों की पढ़ाई पिता के असामयिक निधन और उससे उत्पन्न विषम परिस्थितियों के कारण अधूरी रह गई, उन्हें डिग्री पूरी करने का अवसर देना न्यायसंगत और मानवीय दृष्टिकोण के अनुरूप होगा।
कोयला श्रमिक संघ ने एसईसीएल प्रबंधन से अनुरोध किया है कि ऐसे कर्मचारियों को अपनी अधूरी बीटेक की शिक्षा पूरी करने की अनुमति देने के लिए उचित निर्णय लिया जाए, ताकि पारिवारिक संकट के कारण पहले ही प्रभावित हो चुके उनके शैक्षणिक भविष्य और रोजगार संबंधी संभावनाओं को और नुकसान न पहुंचे।
संघ ने उम्मीद जताई है कि एसईसीएल प्रबंधन मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए प्रभावित कर्मचारियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेगा।
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