30 हजार लीटर संदिग्ध देसी घी जब्त, कई राज्यों में हो रही थी सप्लाई; कानपुर में 5.86 लाख रुपये की मिलावसामग्री बरामद
नई दिल्ली/अहमदाबाद/कानपुर। खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान गुजरात और उत्तर प्रदेश से दो बड़े मामले सामने आए हैं। गुजरात में अधिकारियों ने कथित रूप से नकली देसी घी बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए लगभग 30 हजार लीटर संदिग्ध घी जब्त किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कानपुर में छापेमारी के दौरान चावल के टूटे दानों से नकली हल्दी पाउडर तैयार किए जाने का मामला उजागर हुआ है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, गुजरात की फैक्ट्री में पामोलीन तेल में विभिन्न रसायन मिलाकर उसे देसी घी के रूप में तैयार किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में कच्चा माल और चीन निर्मित एक रसायन भी बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि इसी रसायन का उपयोग घी निर्माण में किया जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक यह संदिग्ध घी अलग-अलग ब्रांड नामों से गुजरात के अलावा पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में भेजा जा रहा था।
हालांकि, यह दावा कि उत्पाद में शुद्ध देसी घी बिल्कुल नहीं था या उसे सामान्य जांच मशीनों से पकड़ा नहीं जा सकता था, अभी आधिकारिक प्रयोगशाला जांच से पुष्ट होना बाकी है। अधिकारियों ने सभी नमूने परीक्षण के लिए भेज दिए हैं।
इधर, कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पीतांबरा एंटरप्राइजेज नामक मसाला फैक्ट्री पर छापा मारकर कथित रूप से नकली हल्दी बनाने का खुलासा किया। विभाग के अनुसार, फैक्ट्री में चावल के टूटे दानों को हल्दी जैसे रंग में रंगकर हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था।

छापेमारी के दौरान 77 बोरी चावल के टूटे दाने, 42 बोरी संदिग्ध हल्दी पाउडर, मिर्च और धनिया पाउडर तथा तरल रंग बरामद किया गया। जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य 5.86 लाख रुपये बताया गया है।
दोनों मामलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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