दुनिया के प्रमुख आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस मंचों चैटजीपीटी, क्लॉड और ग्रोक में गुरुवार को लगभग एक ही समय पर तकनीकी व्यवधान सामने आने से हजारों उपयोगकर्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई उपयोगकर्ताओं ने बातचीत का पृष्ठ नहीं खुलने, जवाब नहीं मिलने, प्रवेश करने में दिक्कत और विभिन्न सुविधाओं के काम नहीं करने की शिकायत की।
ओपनएआई ने अपने आधिकारिक सेवा स्थिति पृष्ठ पर चैटजीपीटी और कोडेक्स में बढ़ी हुई त्रुटियों की पुष्टि की। रिपोर्टों के अनुसार समस्या का असर बातचीत, फाइल भेजने, आवाज, खोज और तस्वीर बनाने सहित कई सुविधाओं पर पड़ा।
इसी दौरान एंथ्रोपिक के क्लॉड और एलन मस्क की कंपनी एक्सएआई के ग्रोक में भी बड़े स्तर पर व्यवधान की खबरें सामने आईं। दोनों कंपनियों की सेवाओं में उपयोगकर्ताओं को जवाब मिलने में परेशानी और अन्य तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
क्या माइक्रोसॉफ्ट एज्योर से जुड़ा था मामला?
एक ही समय में कई प्रमुख एआई सेवाओं के प्रभावित होने के कारण संभावित रूप से साझा बादल आधारित तकनीकी ढांचे को लेकर सवाल उठे। कुछ रिपोर्टों में इसी दौरान माइक्रोसॉफ्ट एज्योर में भी व्यवधान की बात सामने आई।
चूंकि कईएआई मंच विभिन्न बादल आधारित सेवाओं और तकनीकी ढांचे पर निर्भर हैं, इसलिए एज्योर को संभावित कारण के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अभी तक किसी कंपनी ने यह पुष्टि नहीं की है कि सभी व्यवधानों का कारण एक ही था।
भारत में भी दिखा असर
भारत में भी उपयोगकर्ताओं ने चैटजीपीटी के धीमे होने, जवाब अटकने और सेवा उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें कीं। रिपोर्टों के मुताबिक भारत में समस्या गुरुवार शाम लगभग 7 बजकर 56 मिनट के आसपास व्यापक रूप से दिखाई दी।
बाद के अद्यतनों में कई सेवाओं की स्थिति सामान्य होने लगी। ओपनएआई के सेवा स्थिति पृष्ठ के अनुसार स्थिति में सुधार हुआ है, हालांकि अलग-अलग उपयोगकर्ताओं को सेवा की उपलब्धता उनके खाते और इस्तेमाल की जा रही सुविधा के आधार पर अलग-अलग मिल सकती है।
एक ही दिन में दुनिया के तीन प्रमुख एआई मंचों के प्रभावित होने की घटना ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता सेवाओं की बढ़ती बादल-आधारित तकनीकी ढांचे पर निर्भरता और डिजिटल बुनियादी ढांचे की विश्वसनीयता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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