तिलक भवन में आयोजित ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए। प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर सरकारी धन और प्रशासनिक तंत्र के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि वे दिखावे और ‘ढोलक-थाली’ बजाने की संस्कृति में विश्वास नहीं रखतीं। उनका कहना था कि वे जनता के बीच रहकर चुपचाप काम करने में विश्वास रखती हैं।
सांसद ने प्रधानमंत्री के ‘नॉन-बायोलॉजिकल’ संबंधी बयान के संदर्भ में कटाक्ष करते हुए कहा कि “नॉन-बायोलॉजिकल की कोई तिथि नहीं होती।” उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहकर किए जाने वाले काम का प्रचार करने के बजाय जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम होना चाहिए।
रेल सुविधाओं का मुद्दा
कोरबा की रेल सुविधाओं और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सांसद ने आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कोरबा की रेल समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे जनता के अधिकारों के लिए एक बार फिर सड़क पर उतरेंगी और रेल आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगी।
कोरबा में रेल सुविधाओं के विस्तार, नई ट्रेनों और लंबित मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन और राजनीतिक मांगें उठती रही हैं। सांसद ने इन मुद्दों पर प्रशासन और रेलवे से ठोस कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
मेडिकल कॉलेज की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी
प्रेसवार्ता के दौरान सांसद ने क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य की गति पर भी असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि जिस सुस्त रफ्तार से काम चल रहा है, उससे आम जनता में निराशा का माहौल है। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी स्थिति और काम की गति में अंतर दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा होना चाहिए, ताकि इसका लाभ क्षेत्र की जनता को मिल सके।
मेडिकल कॉलेज और ईएसआईसी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल
सांसद ज्योत्सना महंत ने कोरबा में संचालित मेडिकल कॉलेज और ईएसआईसी अस्पताल में कथित अव्यवस्थाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने शासन से स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की गंभीरता से समीक्षा करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कोरबा जैसे औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं जनता की बुनियादी जरूरत हैं। अस्पतालों में संसाधन, चिकित्सकीय सेवाएं और व्यवस्थाएं पर्याप्त होना जरूरी है।
रेल सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सांसद के तेवरों से आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। अब इन मांगों पर केंद्र, रेलवे और स्थानीय प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर क्षेत्र की नजर रहेगी।
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