छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघी तराई क्षेत्र स्थित Vedanta Limited पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट मामले में बड़ा कानूनी एक्शन हुआ है। पुलिस ने अनिल अग्रवाल, कंपनी मैनेजर देवेंद्र पटेल तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ डभरा थाना में FIR दर्ज की है। इसकी जानकारी सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने दी।
एसपी के अनुसार, हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके नाम भी जोड़े जाएंगे।
14 अप्रैल को हुआ था भीषण विस्फोट
यह हादसा 14 अप्रैल को प्लांट के बॉयलर यूनिट में हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हाई-प्रेशर स्टीम ले जाने वाली पाइप फटने से जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे कई श्रमिक झुलस गए। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी।
मृतकों की संख्या 21 पहुंची
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। कई घायल अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत
तकनीकी जांच रिपोर्ट में अत्यधिक ईंधन जमा होने, दबाव बढ़ने और संचालन में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, बॉयलर पर लोड तेजी से बढ़ाया गया था, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ा और विस्फोट हुआ।
विशेष जांच दल गठित
पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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