लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला जारी रखते हुए कहा है कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार अव्यवस्था और असफलताओं का शिकार हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और शिक्षा मंत्रालय “आपदाओं का विभाग” बन चुका है।
राहुल गांधी ने कहा कि पहले NEET पेपर लीक ने 22 लाख छात्रों को प्रभावित किया। इसके बाद CBSE कक्षा 12 के छात्रों को “टूटी हुई OSM प्रणाली” के कारण उम्मीद से कम अंक मिले, जिससे कई छात्र कॉलेज प्रवेश की पात्रता खो बैठे। अब लाखों CBSE कक्षा 9 के छात्रों को 1 जुलाई से नई भाषा पढ़ने के लिए कहा जा रहा है, जबकि न तो पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं और न ही पाठ्यपुस्तकें।
उन्होंने आरोप लगाया कि 14 वर्षीय छात्रों को “ट्रांजिशनल समाधान” के नाम पर कक्षा 6 की किताबें दी जा रही हैं। राहुल गांधी ने कहा, “तीन परीक्षाएँ, तीन आयु वर्ग और एक ही मंत्री। धर्मेंद्र प्रधान जी एक बार नहीं, बल्कि देश के हर आयु वर्ग के छात्रों को एक साथ विफल कर चुके हैं।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय की हर नई घोषणा बच्चों को और अधिक अनिश्चितता की ओर धकेल रही है और हर विफलता बिना किसी जवाबदेही के रह जाती है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा, “मोदी जी, क्या आप उन लाखों बच्चों से कम-से-कम माफी मांगेंगे, जिनका भविष्य आपने और आपके मंत्री ने बर्बाद कर दिया?”
राहुल गांधी ने अपने बयान के अंत में सोशल मीडिया पर #SackPradhan हैशटैग का भी इस्तेमाल किया।
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