लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कथित NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि अब NEET परीक्षा नहीं, बल्कि “नीलामी” बन चुकी है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा से 42 घंटे पहले ही प्रश्नपत्र व्हाट्सऐप पर बेचे जा रहे थे। उन्होंने कहा कि 22 लाख से अधिक छात्रों ने पूरे साल दिन-रात मेहनत की, लेकिन एक ही रात में उनके भविष्य की खुलेआम नीलामी कर दी गई।

उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है। पिछले 10 वर्षों में 89 पेपर लीक और 48 री-एग्जाम हुए हैं, लेकिन हर बार सरकार सिर्फ वादे करती है और फिर चुप्पी साध लेती है।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सरकार अपनी हर विफलता का बोझ जनता पर डालती है, तो उसमें गरीबों के बच्चों का भविष्य भी शामिल हो जाता है।

उन्होंने कहा कि 22 लाख छात्रों का भरोसा टूट चुका है और भारत के युवाओं के सपनों के लिए मोदी सरकार से बड़ा खतरा कोई नहीं है।

NEET 2026 रद्द

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने NEET 2026 परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर केंद्र की BJP सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस फैसले ने देश के 22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को कुचल दिया है।

राहुल गांधी ने कहा कि लाखों परिवारों ने अपने बच्चों के भविष्य के लिए भारी बलिदान दिए—कई पिता ने कर्ज लिया, कई माताओं ने अपने गहने बेचे, और लाखों छात्रों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की। लेकिन बदले में उन्हें मिला पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा व्यवस्था में संगठित भ्रष्टाचार।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के खिलाफ एक अपराध है। राहुल गांधी ने कहा कि हर बार पेपर माफिया बच निकलता है, जबकि ईमानदार और मेहनती छात्रों को ही सजा भुगतनी पड़ती है।

राहुल गांधी ने कहा,

“देश के युवाओं के सामने एक गंभीर बात रखना चाहता हूँ।

एक काम कीजिए – खुद Google कीजिए: ‘NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था, और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है?’

देखा? समझ आया?”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा उन लोगों को बचाने और आगे बढ़ाने का काम करती है, जो छात्रों के भविष्य से जुड़े घोटालों में शामिल रहे हैं।

NEET-UG 2024 विवाद के दौरान सुबोध कुमार सिंह राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक (DG) थे। परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विवाद के बाद जून 2024 में उन्हें पद से हटा दिया गया था। वर्तमान में वे  छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साईके प्रधान सचिव (Principal Secretary to the Chief Minister) के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें हाल ही में ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

उन्होंने कहा कि अब लाखों छात्रों को एक बार फिर मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और भविष्य की अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा।

राहुल गांधी ने सवाल उठाया, “अगर किसी की किस्मत मेहनत से नहीं, बल्कि पैसे और पहुंच से तय होगी, तो शिक्षा का क्या अर्थ रह जाएगा?”

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का तथाकथित “अमृत काल” देश के युवाओं के लिए “विष काल” में बदल गया है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस पूरे मामले की जवाबदेही तय करे और छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को तत्काल रोके।

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