कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने अपनी नीतियों का विरोध करने वाले किसी भी वर्ग को नहीं बख्शा और लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने का काम किया है।
खड़गे ने कहा, “चाहे माँ गंगा को बचाने के लिए 111 दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे प्रो. जी.डी. अग्रवाल हों, हरियाणा के ओलंपिक पहलवान हों, हमारे 750 किसान शहीद हों, दलित और आदिवासी हों, या फिर पेपर लीक की वजह से अपनी जान गंवाने वाले 25 बच्चे और उनके परिवार—इस निरंकुश सरकार ने किसी को नहीं छोड़ा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नज़र में अपनी आवाज़ उठाने वाला हर व्यक्ति “राष्ट्रविरोधी” और “परजीवी” बन जाता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने जंतर-मंतर पर हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि “आज जंतर-मंतर पर जो हुआ, वह लोकतंत्र और संविधान पर एक और काला धब्बा है।”
उन्होंने आगे कहा कि छात्रों की आवाज़ अब देशभर में गूंज रही है। “कोटा और देहरादून से ‘स्टूडेंट्स इको’ का जो बिगुल बजा है, वह निश्चित रूप से दिल्ली की दहलीज़ तक पहुंचेगा।”
खड़गे का यह बयान छात्र आंदोलनों, पेपर लीक के मुद्दे और जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार पर कांग्रेस के बढ़ते हमलों के बीच आया है।
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