नवगठित नगर पंचायत बम्हनीडीह के अध्यक्ष एवं पार्षद पदों के लिए होने वाला पहला चुनाव विशेष प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से कराया जा रहा है। हालांकि इस चुनाव में मतदाताओं को वोट डालने के बाद वीवीपैट (VVPAT) पर्ची नहीं दिखेगी, जिससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, मतदाता को यह तो पता रहेगा कि उसने किस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया है, लेकिन वीवीपैट यूनिट नहीं होने के कारण वह यह सत्यापित नहीं कर सकेगा कि उसका वोट वास्तव में उसी उम्मीदवार के खाते में दर्ज हुआ या नहीं। चुनावी पारदर्शिता के पक्षधर इसे मतदाताओं के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं।
बम्हनीडीह नगर पंचायत में मतदाताओं की संख्या लगभग चार हजार है। ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि इतनी कम संख्या वाले चुनाव में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर का उपयोग क्यों नहीं किया गया। आलोचकों का कहना है कि बैलेट पेपर से मतदान अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी माना जाता है।
गौरतलब है कि ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर समय-समय पर राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों द्वारा सवाल उठाए जाते रहे हैं। कई राज्यों में स्थानीय निकाय चुनाव आज भी बैलेट पेपर से कराए जाते हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में ईवीएम का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में वीवीपैट सुविधा के अभाव ने चुनाव की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर बहस छेड़ दी है।
बम्हनीडीह नगर पंचायत चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम चांपा पवन कोसमा ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ईवीएम की सीलिंग एवं सत्यापन प्रक्रिया के दौरान बताया कि इस चुनाव में प्रयुक्त ईवीएम से मतदाताओं को वीवीपैट पर्ची उपलब्ध नहीं होगी।
इस खुलासे के बाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता के सत्यापन अधिकार को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है।
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