लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग की है। उन्होंने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और जांच पूरी होने तक उन्हें पदभार ग्रहण नहीं करने देने का आग्रह किया है।
राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ने एक वीआईपी के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार कर दिया था, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि चार साल बाद भी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में कथित धीमी प्रगति के चलते उस वीआईपी की पहचान का सवाल अनुत्तरित है।
राहुल गांधी ने लिखा कि अंकिता के परिवार सहित कई लोगों को दुष्यंत गौतम के इस मामले से जुड़े होने का संदेह है। ऐसे में उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर उन्होंने हैरानी जताई। पत्र में यह भी कहा गया कि राज्यपाल के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अपनी चिंता का अभाव प्रदर्शित किया है।
उन्होंने राष्ट्रपति से नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और अंकिता के माता-पिता को न्याय मिलने की उम्मीद बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की।
![]()

