2027 की जनगणना के लिए शुरू किए गए स्वयं-गणना पोर्टल पर अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट शहर को चीनी नाम से दिखाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया। ईस्ट सियांग जिले के एक निवासी ने इस गड़बड़ी की ओर ध्यान दिलाया, जिसके बाद अधिकारियों ने कहा कि समस्या को तुरंत ठीक कर दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पासीघाट निवासी ग्रुप कैप्टन (सेवानिवृत्त) मोहोंतो पांगिंग पाओ ने इस मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए सामाजिक माध्यम मंच ‘एक्स’ का सहारा लिया और ऐसे निर्देशांक साझा किए, जिन पर “मेदोग, पासीघाट” लिखा था।मेदोग चीन की सीमा के उस पार वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास स्थित एक इलाका है।
मामला सामने आने के कुछ घंटों बाद भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त के आधिकारिक खाते से बयान जारी किया गया।
अधिकारियों ने कहा, “स्वयं-गणना के दौरान पासीघाट, ईस्ट सियांग जिला, अरुणाचल प्रदेश की मानचित्र स्थिति से जुड़ा एक मुद्दा सामने आया था। इसे मानचित्र सेवा प्रदाता के साथ उठाया गया और अब इसे ठीक कर दिया गया है।”
यह स्वयं-गणना सुविधा फिलहाल अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ में शुरू की गई है। नागरिक 15 दिन की अवधि में स्वयं अपनी जनगणना जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं।
क्यों अहम है मामला?
अरुणाचल प्रदेश पर चीन समय-समय पर दावा करता रहा है। ऐसे में किसी सरकारी पोर्टल पर भारतीय शहर को चीनी नाम से दिखाया जाना संवेदनशील माना जा रहा है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह तकनीकी मानचित्रण त्रुटि थी, जिसे सुधार दिया गया है।
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