विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर राज्यसभा में नया नोटिस दाखिल किया है। यह नोटिस 73 विपक्षी सांसदों द्वारा राज्यसभा के महासचिव को सौंपा गया।
कांग्रेस महासचिव (संचार)जयराम रमेश ने कहा कि यह प्रस्ताव राष्ट्रपति के समक्ष संबोधन प्रस्तुत करने के लिए लाया गया है, जिसमें सीईसी को “सिद्ध दुराचार” (proven misbehaviour) के आधार पर हटाने की मांग की गई है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि 15 मार्च 2026 के बाद से उनके कार्यों और चूकों ने संविधान की भावना को ठेस पहुंचाई है।
नोटिस में संविधान के अनुच्छेद 324(5), अनुच्छेद 124(4), मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 तथा न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 का हवाला दिया गया है।
जयराम रमेश ने दावा किया कि सीईसी के खिलाफ कुल नौ विशिष्ट आरोप लगाए गए हैं, जिनका विस्तृत दस्तावेजीकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि उनका पद पर बने रहना “संविधान पर हमला” है और यह “पूर्ण शर्मनाक” स्थिति है।
सूत्रों के अनुसार, विपक्ष ने सीईसी पर मॉडल आचार संहिता के पालन में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 18 अप्रैल के राष्ट्र संबोधन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
यह उल्लेखनीय है कि इसी महीने पहले भी विपक्ष द्वारा लाया गया ऐसा प्रस्ताव लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति द्वारा खारिज किया जा चुका था।
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