पुर्तगाली फुटबॉल सुपरस्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक बार फिर सोशल मीडिया पर विवादों में आ गए हैं। इस बार कारण है उनका हर्बालाइफ प्रोडक्ट्स का प्रमोशन। रोनाल्डो ने हाल ही में X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने हर्बालाइफ के ‘फॉर्मूला 1’ मील रिप्लेसमेंट शेक को एक स्वस्थ नाश्ते के विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया। इस पोस्ट में उन्होंने इसे प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिजों का संतुलित मिश्रण बताया। उनके पोस्ट में #Herbalife और #HealthyBreakfast जैसे हैशटैग शामिल थे, जिससे उन्होंने इसे दिन की शुरुआत का आदर्श तरीका बताया।
हालांकि, पोस्ट वायरल होने के साथ ही इसने सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट और विज्ञापन के नैतिक पक्ष पर एक नई बहस को जन्म दिया। कई यूजर्स ने ध्यान दिलाया कि रोनाल्डो ने अपने पोस्ट को एक पेड प्रमोशन के रूप में स्पष्ट रूप से नहीं दर्शाया, जो कि सोशल मीडिया नियमन के तहत अनिवार्य है। इस कारण से X पर उनके पोस्ट पर एक ‘कम्युनिटी नोट’ भी लगाया गया।
सबसे प्रमुख आलोचकों में से एक भारतीय हेपेटोलॉजिस्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर डॉ. सायरिएक एबी फिलिप्स थे, जिन्हें ‘द लिवर डॉक’ के नाम से जाना जाता है। डॉ. फिलिप्स ने रोनाल्डो की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि हर्बालाइफ के प्रोडक्ट्स के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों, खासकर जिगर (लीवर) स्वास्थ्य पर उनके संभावित प्रतिकूल प्रभावों को लेकर पहले भी चिंता जताई गई है। उन्होंने कहा, “स्वस्थ नाश्ता दिन की शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन उन प्रोडक्ट्स से नहीं जिन पर स्वास्थ्य संबंधी सवाल उठ चुके हैं।”
डॉ. फिलिप्स ने अपने बयान में अनुसंधानों और हर्बालाइफ उत्पादों से जुड़ी विवादास्पद घटनाओं का हवाला दिया, जो लीवर के कार्य पर

संभावित हानिकारक प्रभाव डालने के कारण चर्चा में रहे हैं। दुर्भाग्य से, भारतीय सेलेब्रिटी भी ऐसे उत्पादों का प्रचार करते नजर आते हैं जिनसे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं जुड़ी हैं, लेकिन नैतिकता की अनदेखी कर रहे हैं।
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