तमिलनाडु के चर्चित सथानकुलम कस्टोडियल डेथ मामले में मदुरै की प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सभी नौ दोषी पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
यह मामला वर्ष 2020 में पिता-पुत्र पी. जयाराज और जे. बेन्निक्स की पुलिस हिरासत में मौत से जुड़ा है, जिसने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया था।
क्या है मामला
जून 2020 में लॉकडाउन के दौरान दुकान देर तक खुली रखने के आरोप में दोनों को सथानकुलम पुलिस ने हिरासत में लिया था। आरोप है कि हिरासत के दौरान उन्हें गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।
कोर्ट का फैसला
- मदुरै कोर्ट ने 23 मार्च 2026 को सभी नौ आरोपियों को दोषी ठहराया था।
- सोमवार को सजा सुनाते हुए अदालत ने इसे बेहद गंभीर अपराध मानते हुए सभी दोषियों को फांसी की सजा दी।
- कोर्ट ने माना कि मौतें प्राकृतिक नहीं थीं, बल्कि पुलिस हिरासत में हुई हिंसा का सीधा परिणाम थीं।
अभियोजन पक्ष ने इसे “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” श्रेणी का मामला बताया था और अधिकतम सजा की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार किया।
इस घटना ने पुलिस अत्याचार और मानवाधिकारों के मुद्दे पर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी थी। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक न्याय की मांग उठी थी।
इस फैसले को पुलिस अत्याचार के खिलाफ कड़ा न्यायिक संदेश माना जा रहा है, जिसमें कानून के रखवालों को ही कानून तोड़ने पर सबसे सख्त सजा दी गई है।
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