गेवरा हाउस स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड(SECL) मुख्यालय में शुक्रवार कोकोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन बी. साईराम की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रबंधन और विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें श्रमिक हितों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में SECL के CMD हरिश दुहान, निदेशक (संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) सुनील कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं SECL संचालन समिति एवं विभिन्न श्रमिक संगठनों की ओर से गोपाल नारायण सिंह (इंटक), सुजीत सिंह (बीएमएस), नत्थूलाल पांडेय (एचएमएस), अजय विश्वकर्मा (एटक), वी.एम. मनोहर (सीटू) एवं श्री खुल्लर (सीएमओएआई) सहित अन्य प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।

श्रमिक प्रतिनिधियों ने आश्रितों को उनकी शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता के आधार पर रोजगार देने की मांग उठाई। इसके साथ ही ठेका मजदूरों को कोयला खान भविष्य निधि संगठन(CMPF) के दायरे में लाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।

बैठक में यह भी प्रस्ताव सामने आया कि शारीरिक रूप से अक्षम कर्मचारियों को मेडिकल अनफिट घोषित कर उनके आश्रितों को नौकरी दी जाए। इसके अलावा SECL के 25 प्रतिशत शेयर आईपीओ के माध्यम से बेचने के प्रस्ताव पर श्रमिक संगठनों ने गहरी चिंता जताई।

श्रमिक संगठनों ने श्रम संहिता 2020 का विरोध करते हुए कहा कि इससे श्रमिक अधिकार कमजोर होंगे और ट्रेड यूनियनों की भूमिका प्रभावित होगी।

इसके अलावा JBCCI-12 के गठन में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए इसे जल्द गठित करने की मांग की गई। भू-आश्रित रोजगार प्रक्रिया को सरल बनाने और कोयला डिस्पैच के लिए रेलवे रैक की कमी दूर करने की जरूरत भी बैठक में उठाई गई।

बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें श्रमिक हितों की सुरक्षा और संगठनात्मक मजबूती पर जोर दिया गया।

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