छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए कोरबा के अधीक्षण अभियंता (SE) बी.के. सरकार और कटघोरा के कार्यपालन अभियंता (EE) अंशु वार्ष्णेय को निलंबित कर दिया गया है। यह आदेश मुख्य अभियंता स्तर से जारी किया गया।
आदेश के अनुसार, निलंबित EE अंशु वार्ष्णेय का मुख्यालय जगदलपुर निर्धारित किया गया है। उनके स्थान पर शत्रुघ्न कुमार सोनी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जो आगामी आदेश तक कटघोरा संभाग के कार्यों का संपादन करेंगे।
एमडी की नाराजगी बनी कारण
सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई CSPDCL के एमडी भीम सिंह की नाराजगी के बाद की गई। 10 मार्च को उनके कोरबा दौरे के दौरान विभागीय कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आई थी।
दूधीटांगर में ट्रांसफार्मर कार्य में लापरवाही
एमडी ने ग्राम दूधीटांगर में ट्रांसफार्मर स्थापना के लिए भूमिपूजन किया था। यह क्षेत्र विशेष रूप से संवेदनशील है, जहां कोरवा जनजाति (PVTG) की आबादी निवास करती है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कार्य लंबे समय से लंबित था और जमीनी स्तर पर प्रगति बेहद धीमी थी।
कागजों और हकीकत में अंतर
जांच में यह भी सामने आया कि विभागीय रिकॉर्ड में कार्य की स्थिति बेहतर दर्शाई जा रही थी, जबकि वास्तविकता इससे अलग थी। इसी लापरवाही और उच्चाधिकारियों को सही जानकारी न देने के कारण दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।
संदेश स्पष्ट
इस कार्रवाई को विभाग में कड़ा संदेश माना जा रहा है कि लापरवाही, विशेषकर दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों से जुड़े कार्यों में, अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

