राजनीतिक दलों के चुनावी व्यय पर सीमा निर्धारित किए जाने की मांग संबंधी जनहित याचिका पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भारत निर्वाचन आयोग और भारत सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
यह जनहित याचिका कॉमन कॉज तथा जनहित वाद केंद्र की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि वर्तमान में व्यक्तिगत प्रत्याशियों के चुनावी व्यय पर तो कानूनी सीमा निर्धारित है, किंतु राजनीतिक दलों के व्यय पर कोई स्पष्ट सीमा तय नहीं है, जिससे चुनाव प्रक्रिया में धनबल का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और भारत निर्वाचन आयोग पूर्व में भी इस बात पर चिंता जता चुके हैं कि राजनीतिक दलों के असीमित व्यय से चुनावी लोकतंत्र प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों के चुनावी व्यय पर भी वैधानिक सीमा तय किया जाना आवश्यक है।
सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर की जाएगी।
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