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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बुधवार (18 फरवरी, 2026) को केंद्र सरकार के उस कदम की कड़ी आलोचना की, जिसके तहत सशस्त्र बलों के दिव्यांग कर्मियों को मिलने वाली विकलांगता पेंशन पर आयकर लगाने का प्रावधान किया गया है। पार्टी ने इसे सैनिकों के बलिदान का “अपमान” बताते हुए कहा कि इससे सेना के मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

कांग्रेस ने कहा कि वित्त विधेयक 2026 में आयकर छूट का दायरा सीमित कर दिया गया है। पार्टी के अनुसार, अब केवल उन सैन्य कर्मियों को कर छूट दी गई है जो युद्ध में घायल हुए हों और शारीरिक अक्षमता के कारण सेवा से ‘इनवैलिड आउट’ किए गए हों।

एआईसीसी के भूतपूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल रोहित चौधरी (सेवानिवृत्त) ने कहा, “वित्त विधेयक 2026 के अनुसार आयकर छूट केवल उन कर्मियों को दी गई है जो कार्रवाई के दौरान घायल हुए और शारीरिक विकलांगता प्राप्त होने पर सेवा से बाहर किए गए।”

उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रावधान से बड़ी संख्या में ऐसे दिव्यांग सैनिक कर के दायरे में आ जाएंगे, जिनकी अक्षमता सैन्य सेवा के दौरान हुई है, लेकिन उन्हें ‘युद्ध में घायल’ की श्रेणी में नहीं रखा गया या वे उसी आधार पर सेवा से मुक्त नहीं किए गए।

कांग्रेस ने कहा कि विकलांगता पेंशन कोई सामान्य आय नहीं, बल्कि देश सेवा के दौरान हुए शारीरिक या मानसिक नुकसान का प्रतिकर है। पार्टी ने सरकार से इस प्रावधान पर पुनर्विचार करने और सभी सेवा-जनित विकलांगता पेंशन को पूर्ण कर छूट देने की मांग की है।

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