कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अडानी समूह को लेकर नए खुलासों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार और नियामक संस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए।
रमेश ने अपने पोस्ट में ऑर्गनाइज़्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) की हालिया रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अडानी समूह में बड़ी हिस्सेदारी जुटाने के लिए कथित तौर पर बेनामी फंड का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समूह के करीबी सहयोगियों द्वारा शेयर होल्डिंग संरचना को लेकर पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इन खुलासों से कॉरपोरेट गवर्नेंस और नियामकीय निगरानी पर सवाल उठते हैं। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संसद की संयुक्त समिति (JPC) के जरिए पूरे प्रकरण की जांच कराई जानी चाहिए, ताकि तथ्यों को सार्वजनिक किया जा सके।
रमेश ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की कार्रवाई की रफ्तार पर भी सवाल उठाए और कहा कि अब तक ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
हालांकि, अडानी समूह पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करता रहा है और उसने कहा है कि सभी लेनदेन और निवेश कानूनों के अनुरूप हैं।
यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है, और आने वाले दिनों में संसद तथा सार्वजनिक मंचों पर इस पर तीखी चर्चा होने की संभावना है।
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