कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने लोकसभा सचिवालय से पीएम केयर्स फंड से जुड़े सवालों को अमान्य घोषित करने को कहा है, जिससे संसद में फंड की जांच-पड़ताल रोकी जा रही है।
शमा मोहम्मद ने कहा कि जब पहले आम नागरिकों को आरटीआई के ज़रिये पीएम केयर्स फंड की जानकारी नहीं दी गई, अब सांसदों को भी इस पर सवाल पूछने से रोका जा रहा है। उन्होंने पूछा, “अगर पैसा जनहित में खर्च हो रहा है तो प्रधानमंत्री पारदर्शिता से क्यों डर रहे हैं?” कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पीएम केयर्स फंड को “बीजेपी फंड की तरह” चलाया जा रहा है।
हमले को और तेज़ करते हुए केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल ने लिखा कि यदि अब रक्षा से जुड़े फंड्स को भी ‘अप्रश्नीय फंड’ की सूची में डाला जा रहा है, तो इससे संकेत मिलता है कि वहाँ भी कोई बड़ा घोटाला चल रहा है।
गौरतलब है कि पीएम केयर्स फंड की स्थापना वर्ष 2020 में कोविड-19 जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए की गई थी। केंद्र सरकार का कहना है कि यह एक सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट है और इसकी राशि जनकल्याण के कार्यों में खर्च की जा रही है।
![]()
