कांग्रेस ने चुनाव आयोग से अनुच्छेद 324 के तहत जांच की मांग की

कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम विलोपित किए जाने के आरोपों को लेकर निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को पत्र लिखकर कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने संविधान के अनुच्छेद 324 का हवाला देते हुए फॉर्म क्रमांक-7 के कथित दुरुपयोग और मताधिकार पर हो रहे प्रहार की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

कांग्रेस का आरोप है कि सुनियोजित तरीके से फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। पार्टी ने इसे लोकतंत्र की बुनियाद पर सीधा हमला बताया है।

पत्र में कांग्रेस ने कहा है कि यदि चुनाव आयोग समय रहते हस्तक्षेप कर दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई नहीं करता, तो आम नागरिकों के संवैधानिक मताधिकार को भारी क्षति पहुंच सकती है। पार्टी ने इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और व्यक्तियों की पहचान कर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

फॉर्म-7 को लेकर पत्रकार रवीश कुमार का ट्वीट कहा— “फॉर्म-7 एक नया सांप्रदायिक हथियार बन चुका है”

वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान फॉर्म क्रमांक-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए एक ट्वीट में रवीश कुमार ने लिखा कि “फॉर्म-7 एक नया सांप्रदायिक हथियार बन चुका है।”

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब विभिन्न राज्यों से मतदाता सूची से नाम विलोपित किए जाने और फॉर्म-7 के दुरुपयोग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं।

रवीश कुमार का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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