कोरबा–चांपा को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-149B) पर स्थित जमनीपाली टोल प्लाज़ा में अवैध वसूली के गम्भीर मामला सामने आया हैं। यात्रियों का कहना है कि टोल प्लाज़ा पर UPI/डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं किया गया।
यात्रियों के अनुसार, टोल प्लाज़ा कर्मचारियों द्वारा “सिस्टम नहीं चल रहा” कहकर अधिक भुगतान के लिए मजबूर किया जाता है, जिसके चलते यात्रियों से दोगुना टोल वसूला जा रहा है। इससे रोज़ाना इस मार्ग से आवागमन करने वाले यात्रियों, मजदूरों और स्थानीय वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
🔹 प्रत्यक्ष घटना का विवरण
बुधवार सुबह एक यात्री ने टोल प्लाज़ा पर UPI से भुगतान करने के लिए QR कोड उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर मौजूद एक महिला कर्मचारी ने यह कहकर इनकार कर दिया कि डिजिटल भुगतान का सिस्टम उपलब्ध नहीं है। जब यात्री ने इस पर आपत्ति जताई और मैनेजर को बुलाने को कहा गया तो एक व्यक्ति जो टोल नाका इंचार्ज होने और अपना नाम विजय सिंह बताया, ने कहा कि डिजिटल भुगतान प्रणाली अभी लागू नहीं की गई है, काम चल रहा है और जल्द ही सुविधा शुरू हो जाएगी। इसके बाद यात्री को मजबूरन डिजिटल पेमेंट में दोगुना टोल देना पड़ा। 
यात्री का कहना है कि जब वह अगले दिन शाम को उसी टोल प्लाज़ा से दोबारा गुज़रा, तब भी कर्मचारियों द्वारा वही बहाना दोहराया गया और UPI भुगतान से फिर इनकार करते हुए एक बार फिर दोगुना टोल वसूला गया।
🔹 नए टोल नियम क्या कहते हैं
गौरतलब है कि 15 नवंबर 2025 से लागू नए टोल शुल्क नियमों के तहत जिन वाहनों में वैध FASTag नहीं है, वे UPI/डिजिटल माध्यम से टोल भुगतान कर सकते हैं, जिस पर उन्हें नकद भुगतान की तुलना में कम—केवल 1.25 गुना टोल देना होता है। इन नियमों का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और टोल प्लाज़ाओं पर नकद लेन-देन को कम करना है। इसके बावजूद जमनीपाली टोल प्लाज़ा पर यात्रियों को नकद भुगतान के लिए मजबूर किया जाना नियमों की भावना के विपरीत बताया जा रहा है।
सवाल ये उठता है यदि डिजिटल भुगतान की सुविधा वास्तव में “जल्द शुरू होने वाली” है, तो लगातार दो दिनों तक एक ही बहाना बनाकर यात्रियों से अधिक वसूली करना संदेह पैदा करता है। लोगों का कहना है कि यह स्थिति नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ यात्रियों का आर्थिक शोषण भी है।
🔹 NHAI की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर पूछे जाने पर NHAI के अधिकारी डी.डी. परलावर ने कहा कि जमनीपाली टोल प्लाज़ा पर डिजिटल भुगतान प्रणाली चालू है और यात्रियों से अधिक वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा,
“मैंने टोल प्लाज़ा ऑपरेटरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी यात्री से अधिक शुल्क न लिया जाए और डिजिटल भुगतान प्रणाली हर हाल में उपलब्ध कराई जाए। इस मामले में उचित जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
NHAI अधिकारी के इस बयान के बाद अब सभी की निगाहें जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय यात्रियों ने मांग की है कि केवल निर्देश ही नहीं, बल्कि मैदानी स्तर पर सख़्त निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी यात्री से अवैध वसूली न हो।
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